हल्दूचौड़ में बनेगा इतिहास: पहली बार महिलाओं की रामलीला, 27 मार्च से गूंजेगा मंच

हल्दूचौड़ में बनेगा इतिहास: पहली बार महिलाओं की रामलीला, 27 मार्च से गूंजेगा मंच

हल्दूचौड़ में बनेगा इतिहास: पहली बार महिलाओं की रामलीला, 27 मार्च से गूंजेगा मंच

हल्दूचौड़ क्षेत्र इस बार एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। “मेरा सपना मेरी कोशिश सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति” के तत्वावधान में 27 मार्च 2026 से श्री रामलीला का भव्य और अनूठा मंचन आयोजित किया जाएगा—और इसकी सबसे बड़ी खासियत है, पूरी रामलीला महिलाओं द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

यह पहल सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नारी शक्ति, आत्मविश्वास और प्रतिभा का उत्सव है। समाज में एक मजबूत संदेश देने वाली यह रामलीला महिलाओं को मंच देकर उनके हुनर को नई पहचान दिलाने का कार्य करेगी।

समिति के संस्थापक अध्यक्ष त्रिलोचन पाठक (उर्फ़ रिंकू) ने बताया कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यकारिणी अध्यक्ष कृति दुमका ने कहा कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरे जोश और उत्साह के साथ अंतिम चरण में हैं। क्षेत्र के लोगों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है।

संस्थापक सदस्य एवं कोषाध्यक्ष धीरज सिंह खाती ने जानकारी दी कि मंच सज्जा, आकर्षक वेशभूषा और मधुर संगीत के साथ इस रामलीला को भव्य और यादगार बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है।

इस दौरान इस रामलीला को सफल बनाने में विशेष सहयोग कर रहे दीपा चंदौला, पूजा भट्ट, ममता कर्नाटक, पूनम बधानी, प्रेमा बमेठा ,दीपा बिष्ट ,सीमा आर्य, मंजू बिष्ट, सौरभ भट्ट, पंकज जोशी, ध्रुव उप्रेती, कन्हैया भट्ट, दीपक भट्ट एवं गणेश फुलारा का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस अनूठी पहल की खुलकर सराहना की है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें और इसे सफल बनाएं।

यह सिर्फ रामलीला नहीं, बल्कि नारी शक्ति का उत्सव है—जहां मंच पर इतिहास लिखा जाएगा और समाज को एक नई दिशा मिलेगी।

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